रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित हुआ, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में लाया गया था, लेकिन विपक्ष इसके विरोध में खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं को आरक्षण मिलने में बाधा पहुंचाई है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्पष्ट किया कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इस मुद्दे के राजनीतिक उपयोग का विरोध करते हैं। उन्होंने विशेष सत्र की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए इसे गैर जरूरी बताया।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई और कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया को गैर जरूरी कहना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में है और राज्य में पहले ही कई स्तरों पर महिलाओं को आरक्षण दिया जा चुका है।
सत्र के दौरान दोनों पक्षों के बीच महिला आरक्षण और उसके राजनीतिक पहलुओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।

